बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार का चयन लगभग तय माना जा रहा है और वे 20 नवंबर को 10वीं बार शपथ लेने वाले हैं। इसी बीच एनडीए गठबंधन के अंदर मंत्री पदों और डिप्टी सीएम के फार्मूले को लेकर तेज राजनीतिक हलचल जारी है।
एलजेपी (आर) ने रखा डिप्टी सीएम का दावा, बीजेपी और जदयू में मतभेद
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी LJP(R), जिसके पास 19 विधायक हैं, गठबंधन में अपने प्रभाव के अनुसार एक डिप्टी सीएम पद की मांग कर रही है।
हालांकि, बीजेपी और जदयू इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं दिख रहे। पिछली सरकार की तरह इस बार भी चर्चा है कि दोनों डिप्टी सीएम पद बीजेपी के पास ही रहेंगे, जिससे एलजेपी(आर) की डिप्टी सीएम की मांग पर संशय के बादल हैं।

अरुण भारती का नाम चर्चा में, दो से तीन मंत्री पद मिल सकते हैं
चिराग पासवान की पार्टी की ओर से उनके जीजा अरुण भारती का नाम डिप्टी सीएम पद की रेस में चल रहा है।
वहीं एलजेपी(आर) को नई सरकार में दो से तीन मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
छोटी पार्टियों को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व
सूत्रों के अनुसार, हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा, जिनके क्रमशः 5 और 4 विधायक हैं, उन्हें भी गठबंधन में एक-एक मंत्री पद दिए जाने का अनुमान है। इससे सभी सहयोगी दलों को सन्तुलित तरीके से प्रतिनिधित्व देने का प्रयास दिख रहा है।
नई सरकार का ढांचा पिछली सरकार से अलग हो सकता है
नई सरकार के गठन को लेकर हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मोदी सरकार के मंत्री ललन सिंह के बीच अहम बातचीत हुई है।
दो नई पार्टियों — LJP(R) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा — के शामिल होने से माना जा रहा है कि कैबिनेट का ढांचा पिछली सरकार से कुछ अलग होगा।
स्पीकर पद पर भी बीजेपी–जदयू में हलचल
सूत्र बताते हैं कि नई सरकार में बीजेपी असेंबली स्पीकर का पद अपने पास रखना चाहती है, जबकि जदयू भी इस पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि, ज्यादातर मुद्दों पर दोनों दलों के बीच सहमति बन चुकी है और गठबंधन मिलकर नई सरकार के स्वरूप पर अंतिम फैसला तैयार कर रहा है।












