बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने राज्य के बच्चों और महिलाओं के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने 52 लाख आंगनबाड़ी बच्चों को यूनिफॉर्म देने के साथ-साथ इस योजना को रोजगार सृजन से जोड़ने का फैसला किया है।
मार्च 2026 तक सभी बच्चों को मिलेगी पोशाक
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि राज्य के 1.15 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित करीब 52 लाख बच्चों को मार्च 2026 तक पोशाक उपलब्ध करा दी जाएगी। यह वितरण जीविका समूहों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं को काम मिलेगा।
जीविका से जुड़ेगा स्कूल ड्रेस का काम
मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग से यह अनुरोध भी किया गया है कि कक्षा 1 से 5 तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों की पोशाक भी जीविका समूहों से ही तैयार कराई जाए। इसका मकसद राज्य सरकार के 1 करोड़ रोजगार सृजन के लक्ष्य को मजबूती देना है।

साल में दो बार मिलेगी यूनिफॉर्म
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि सरकार ने यह सहमति दी है कि हर आंगनबाड़ी बच्चे को साल में दो यूनिफॉर्म दी जाएंगी। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
अगले शैक्षणिक सत्र की भी तैयारी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के बच्चों के लिए जून-जुलाई 2026 तक पोशाक उपलब्ध करा दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान 15 बच्चों को यूनिफॉर्म देकर योजना की औपचारिक शुरुआत की गई।
बच्चों के साथ-साथ महिलाओं को मिलेगा लाभ
यह योजना सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी बड़ा कदम मानी जा रही है। जीविका से जुड़ी महिलाएं कपड़े सिलने और सप्लाई के काम से स्थायी आय अर्जित कर सकेंगी।












