बिहार के दरभंगा जिले से सामने आए एक गंभीर मामले ने धार्मिक कथावाचन से जुड़े एक कथावाचक को विवादों में ला खड़ा किया है। कथावाचक श्रवण दास और उनके गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा के खिलाफ महिला थाना, दरभंगा में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई नाबालिग पीड़िता की मां की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।
महिला थाना में दर्ज हुई शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़िता की मां ने महिला थाना पहुंचकर आवेदन दिया, जिसमें कथावाचक और उनके गुरु पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर लिया। दरभंगा सदर के राजीव कुमार ने मीडिया को बताया कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है।
किराए के कमरे में रहने के दौरान शोषण का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि कथावाचक श्रवण दास पीड़िता के घर में ही किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। इसी दौरान उसने परिवार की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर नाबालिग को शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि बाद में धमकी और बदनामी के डर से वह लगातार नाबालिग का शोषण करता रहा।
जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप
परिजनों के अनुसार, लगातार शोषण के चलते नाबालिग गर्भवती हो गई थी। इसके बाद कथावाचक पर दो बार जबरन दवा देकर गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है। गलत तरीके से गर्भपात कराने के कारण पीड़िता की हालत गंभीर हो गई और अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति बनी।

शादी का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें कथावाचक नाबालिग के साथ कथित तौर पर शादी की रस्म निभाते नजर आ रहा है। पीड़िता की मां का आरोप है कि 29 नवंबर 2024 को गुरु मौनी बाबा ने बंद कमरे में यह रस्म करवाई थी और बाद में मामले को दबाने का दबाव बनाया गया।
धमकी और ब्लैकमेलिंग के भी आरोप
पुलिस शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथावाचक ने नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना रखे थे, जिनके जरिए वह उसे ब्लैकमेल करता था। आरोप है कि उसने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी और पुलिस के पास न जाने का दबाव बनाया।
एफएसएल टीम जुटा रही सबूत, कोर्ट में दर्ज होगा बयान
पुलिस के अनुसार, कांड संख्या 182/25 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एफएसएल टीम को साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। पीड़िता का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा और सभी मेडिकल व जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







