मौसम बिहार चुनाव बिहार क्रिकेट स्पोर्ट्स बिजनेस अन्य

लालू-तेज प्रताप के रिश्तों में आई नरमी, मकर संक्रांति भोज में दिखी पारिवारिक एकजुटता

On: जनवरी 14, 2026 1:48 अपराह्न
Follow Us:
tej pratap yadav news

Tej Pratap Yadav : बिहार की राजनीति में बुधवार को एक अहम सियासी और पारिवारिक संकेत देखने को मिला। लालू यादव और उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के बीच चली आ रही नाराजगी अब कम होती नजर आ रही है। मकर संक्रांति के अवसर पर तेज प्रताप यादव द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में लालू यादव की मौजूदगी ने इसी ओर इशारा किया।

दही-चूड़ा भोज में पिता का साथ, बेटे को मिला आशीर्वाद

तेज प्रताप यादव के आयोजन में लालू यादव न केवल पहुंचे, बल्कि उन्होंने बेटे का मनोबल भी बढ़ाया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लालू यादव ने साफ कहा कि वह तेज प्रताप से नाराज नहीं हैं और बेटे को हमेशा उनका आशीर्वाद मिलेगा। बेटे के भविष्य और सियासी सफर को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक संदेश दिया।

tej pratap yadav news

बीजेपी में जाने की अटकलों पर लालू का बयान

तेज प्रताप यादव के बीजेपी में जाने की चर्चाओं पर लालू यादव ने दो टूक कहा कि बेटा परिवार के साथ ही रहेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक फैसले कुछ भी हों, पिता का आशीर्वाद हमेशा बना रहेगा। इस बयान को सियासी गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।

राज्यपाल समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी शामिल हुए। इस दौरान लालू यादव और राज्यपाल के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात और अभिवादन देखने को मिला।
कार्यक्रम में प्रभुनाथ यादव, साधु यादव, चेतन आनंद समेत कई अन्य दलों के नेता भी पहुंचे, जिससे आयोजन की सियासी अहमियत और बढ़ गई।

बीजेपी नेताओं को न्योता, बढ़ी सियासी चर्चाएं

तेज प्रताप यादव ने इस मकर संक्रांति आयोजन में भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेताओं को भी आमंत्रित किया था। इससे पहले वह उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में भी नजर आए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप आने वाले दिनों में कोई बड़ा सियासी फैसला ले सकते हैं और फिलहाल अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं।

तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर भी चर्चा

हालांकि इस आयोजन में तेजस्वी यादव दोपहर 12:30 बजे तक नहीं पहुंचे थे। इससे एक दिन पहले दोनों भाइयों की मुलाकात जरूर हुई थी, जब तेज प्रताप यादव अपनी भतीजी को गोद में लिए नजर आए थे। इस तस्वीर को पारिवारिक मेल-मिलाप के संकेत के तौर पर देखा गया।

मकर संक्रांति के इस आयोजन ने न सिर्फ लालू-तेज प्रताप के रिश्तों में आई नरमी को उजागर किया, बल्कि बिहार की राजनीति में नई संभावनाओं और अटकलों को भी हवा दे दी है। अब आने वाले दिनों में तेज प्रताप यादव का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Leave a Comment